Wednesday, October 23, 2013

सचिन के नाम पाती

आदरणीय सचिन

जब पता चला आप अपना २००वां टेस्ट मैच खेलकर सन्यास ले लेगे तो अफ़सोस बस सिर्फ इस बात का रहा कि आपको कभी मैदान में खेलते हुए लाइव नहीं देख पाया।
२४ सालो तक लगातार लोगो की भावनाओ को अनवरत अपने कंधो पर ढोना किसी दैवीय चमत्कार से तो कम नहीं है। दरअसल आज भारत में ही नही वरन पूरे संसार में आपके क्रिकेट की स्वर्णिम यात्रा की विदाई का दुःख भी है। ट्विटर पर ऐसे देश की ट्रेंड लिस्ट में आपकी विदाई के चर्चे थे जहा क्रिकेट को जिया नहीं जाता।
हमेशा आपको खेलते हुए देखा और सबके मुह से सिर्फ एक ही बात सुनी सचिन है ना। वो नाम जो शायद तीन पीढियों में एक साथ जोश जगा दे।
मैने तो नहीं देखा लेकिन सुना जरूर है वकार युनुस की पहली गेंद लगने के बाद उठकर "मैं खेलूगा " की जिद्द हो या अब्दुल कादिर जेसे दिग्गज की धज्जिया उड़ाना हो। कोर्टनी एम्ब्रोस , इयान बाथम और शोएब अख्तर की धज्जिया उड़ाना हो या कम उम्र में पर्थ की पिच पर सेंचुरी जमाना हो या कैडिक की बॉल पर छक्का मारना रहा हो शुरूआत से आप दबदबे का नाम रहे हो। लाइट चले जाने पर रेडियो पर कमेन्ट्री सुनना रहा हो या हॉस्टल में आपके वन डे में पहले २०० रन बनाने पर हॉस्टल के बास्केट बॉल ग्राउंड पर दोस्तों के साथ नाचना हो। मोहल्ले में चन्दा इकठ्ठा करके जेनरेटर सेट लाकर आपकी बेटिंग देखना हो कभी कोई भूल नहीं सकता। आगे आने वाली पीढ़ी के लिए आप सिर्फ नाम होगे लेकिन हमने आपको जिया है। बहुत से दोस्त जो क्रिकेट का ए बी सी डी नहीं जानते वो सिर्फ आपको ही देखना पसंद करते थे। शायद आपका २००वं टेस्ट उनका भी अंतिम मैच हो।
जनता ने आपको हमेशा भगवान का दर्जा दिया लेकिन आपने अपने आपको हमेशा इंसान समझा आपके देश प्रेम चाहे वो मराठी मानुष वाला बयान हो या फिर मुंबई अटैक के बाद आपका देश के लिए सन्देश आपको हमेशा लोगो ने अपने से जुड़ा हुआ देखा।
हम सब की जिन्दगी को सचिन ने किसी न किसी दौर में छुआ है और मुझे याद है चाय की दुकानों पर होने वाली बहस की यार सचिन चला जायेगा तो इंडिया की टीम का क्या होगा ?
२४ साल तक लोगो की भावनाओ को अपने कंधे पर ढोने वाले कंधे कितने मजबूत होगे। सोचने वाली बात है।

वैसे ये आज पूरे भारत की नहीं बल्कि दुनिया में फैले करोड़ो प्रशंसको के लिए दुखद समय है और मैं बड़े दम और पुरजोर से अपनी ये बात रखना चाह रहा हूँ कि आपके क्रिकेट से अलविदा कहने का सबसे बड़ा कारण मीडिया है जिन्होंने पिछले काफी कुछ समय से आप पर दवाव बनाया हुआ था।
क्रिकेट भी वही रहेगा रोमांच भी वही रहेगा पर आपके बिना सब फीका रहेगा। 


आपका प्रशंशक —
 

1 comment: